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                                                                                                                   ब्रोकायटिस

             



 

 

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Dr.Mikin Jain was a
Co-Chairperson at

"State level Homeopathy Workshop"

Organised by Health Department of India.

Clinic Timings

Monday - Friday
Morning

11.00 a.m to 1.30 p.m.

Evening

6.00 p.m to 9.00 p.m


Residential Address Timings:-

Morning upto 11.00 a.m
Evening 4.00 p.m to 6.00 p.m

On every saturday & sunday
By Appoinment only.


 

एक सत्तर वर्षीय वृद्ध अपने बेटे के साथ हमसे मिलने आये। उन्हें सांस फूलना, खांसी, कमजोरी तथा आवाज में भारीपन की तकलीफ थी। सांस का फुलना इतना अधिक था कि उन्हे कार से क्लीनिक तक आने के लिए दो लोग उठाकर लाए थे। केस हिस्ट्री लेने पर पता चना कि समस्या लगभग पांच वर्षो से प्रारंभ हुई । शुरूआत खांसी से हुई जिसमें उन्हें बड़ी मात्रा में बलगम निकलता था। खांसी हर साल शीत ऋतु में अधिक हो जाती थी। फैमिली डाॅक्टर को दिखलाने पर उन्होंने एंटीबायोटिक दवाएं तथा साथ में कफ सिरप आदि दिया।
        
 दवाओं का सेवन करने से उन्हे आराम तो मिलता था पर दवाएं बंद करने के सप्ताह भर के भीतर उन्हे पुनः तकलीफ चालू हो जाती थी। ठंड का मौसम समाप्त होने पर उन्हें स्वातः ही तकलीफे कम हो जाती। पिछले दो वर्षो से उन्हें ये तकलीफे सिर्फ ठंड तक सीमित ना रहकर कम या अधिक रूप में लगभग पूरे वर्ष भर रहने लगी। इसके अतिरिक्त खांसी के साथ सांस भी फूलने लगी।
 प्रारंभ में सांस का फूलना अधिक काम करने पर ही होता था पर पिछले तीन माह से तकलीफ बढ़ते-बढ़ते अब आराम से बैठे रहने पर भी उनकी सांस फूलने लगती हैं। जरा सा भी हलचल करने पर उनकी तकलीफ बढ़ने लगती है। इस वजह से वो अपना दैनिक कार्य भी बड़ी कठिनाई से कर पाते हैं। इन  सभी लक्षणों के आधार पर उनका ब्लड-टेस्ट तथा एक्स-रे करवाया गया जिसके आधार पर उन्हें ब्रोकायटिस  (सी.ओ.पी.डी.)  नामक बीमारी का होना तय हुआ । पूछने पर  पता चला कि वो लंबे समय से धूम्रपान करते रहे। तथा प्रतिदिन 8-10 सिगरेट का सेवन करते हैं।
 
हमने उन्हें बतलाया कि आपकी बीमारी के दो सबसे बड़े कारण है-
                              1. धूम्रपान ।
                             2. वातारण का प्रदूषण।

 चूंकि आप ग्रामीण ईलाके में रहते है अतः आप पर प्रदूषण का दुष्प्रभाव ना के बराबर है। परन्तु धुम्रपान का दुष्प्रभाव आपके फेफड़े को धीरे-धीरे कमजोर  कर  रहा है। यदि आप ने इसका निषेध ना किया तो आराम मिलना असंभव हैं। उन्होंने अपनी गलती  स्वीकारते हुए धुम्रपान छोड़ने का निश्चय किया। हमने लक्षणों  के आधार  पर  उन्हें एन्टिमोनियम आर्सेनिकम  नामक  दवा प्रारंभ  की। ईलाज प्रारंभ करने के पहले सप्ताह से उन्हे कुछ  बेहतर  लगने लगा। अब  लगभग  तीन  माह से उनकी दवा नियमित रूप से चल रही है, अब उनके सांस फूलने पर काफी नियंत्रण आ चुका है जिससे अब वे अपना दैनिक  कार्य आसानी से कर पाते है तथा खासी भी यदा कदा ही आती हैं।
 

हम से होम्योपैथिक उपचार की जरूरत मरीजों - दमा, गठिया, आत्मकेंद्रित, बांझपन, PCOD, दूध एलर्जी, IHD, एआर, एमआर, यूके, सिर दर्द, अनिद्रा आदि जैसे कोई पुरानी बीमारी, के लिए

 

<meta name="msvalidate.01" content="" /><meta id="MetaDescription" name="DESCRIPTION" content="Doctor/Medical Specialists with specialisation in HOMEOPATHY in RAIPUR" /><meta id="MetaKeywords" name="KEYWORDS" content="Homeopathy doctor in RAIPUR, , Bestdoctor in RAIPUR" /><meta name="googlebot" content="INDEX, FOLLOW" /><meta name="YahooSeeker" content="INDEX, FOLLOW" /><meta name="msnbot" content="INDEX, FOLLOW" /><meta name="DISTRIBUTION" content="GLOBAL" /><meta name="ROBOTS" content="INDEX,FOLLOW" /><meta name="REVISIT-AFTER" content="1 DAYS" /><meta name="RATING" content="GENERAL" /><meta id="MetaGenerator"name="GENERATOR" content="DotNetNuke " /><meta http-equiv="PAGE-ENTER" content="RevealTrans(Duration=0,Transition=1)" /><metaname="viewport" content="width=device-width, maximum-scale=1.0, minimum-scale=1.0" /><meta http-equiv="X-UA-Compatible"content="IE=EmulateIE9" />